राष्ट्रीय

टमाटर के बाद मसालों के दाम बढ़ने से अब ‘तड़का’ मारना बना मुसीबत, लोगों की जेब पर पड़ा भारी बोझ 

नई दिल्ली। सब्जियों खासकर टमाटर की बढ़ती कीमतों के बाद अब ‘तडक़ा’ मुसीबत में है। मसालों की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि से रसोई का बजट गड़बड़ाने लगा है। सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला जीरा अब रसोई में सबसे महंगी सामग्रियों में से एक बन गया है।इसकी कीमत अप्रैल में 400 रुपये प्रति किलोग्राम से बढक़र 750 रुपये प्रति किलोग्राम हो चुकी है।

खरबूजे के बीज और लौंग जैसे कई अन्य मसालों की कीमतें भी बढ़ गई हैं। खरबूजे के बीज, जिनकी कीमत फिलहाल 750 रुपये किलो है, तीन महीने पहले 300 रुपये प्रति किलो बिक रही थी । इसी तरह, लौंग की कीमत अप्रैल में 1,000 रुपये प्रति किलोग्राम से बढक़र अब 1,200 रुपये हो गई है। व्यापारी इसके लिए कम पैदावार, चक्रवात बिपरजॉय के कारण खराब परिवहन और अब मानसूनी बारिश को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

हजरतगंज में एक किराने की दुकान के मालिक ने कहा, हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि हम उन्हें बहुत अधिक कीमत पर खरीद रहे हैं। जीरा और तरबूज के बीज की कीमतें तीन महीने में लगभग दोगुनी हो गई हैं। बुआई के दौरान अधिक वर्षा के कारण मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव के कारण प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में किसानों ने सरसों जैसी अन्य फसलों की ओर रुख कर लिया है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक बारिश से हल्दी और मिर्च जैसे अन्य मसालों की कीमतों में उछाल आ सकता है।

2 thoughts on “टमाटर के बाद मसालों के दाम बढ़ने से अब ‘तड़का’ मारना बना मुसीबत, लोगों की जेब पर पड़ा भारी बोझ 

  • Its like you read my mind! You appear to know a lot about this, like you wrote the book in it or something. I think that you could do with some pics to drive the message home a little bit, but other than that, this is excellent blog. A fantastic read. I will certainly be back.

  • Appreciating the commitment you put into your website and detailed information you provide. It’s great to come across a blog every once in a while that isn’t the same out of date rehashed material. Wonderful read! I’ve bookmarked your site and I’m adding your RSS feeds to my Google account.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *